is this a solution of black money

by jan chetna on Dec 02, 2011      Category: Economics & Business Tags: social work

    an idea can change our life**

                एक सुझाव जो हमारी जिन्दगी बदल सकता है *
*मेरा यह सुझाव काले धन के वारे में है | काला धन सबसे पहली बात तो ये है कि ये
काला धन क्या है | दरसल यह वह धन है जिसका कोई हिसाब किताब नहीं है| यह धन जिस
व्यक्ति के पास वह यह सार्वजानिक नहीं कर सकता कि ये उसके पास कहाँ से आया| यह
धन ऐसे किसी काम के द्वारा कमाया जाता है जो इल्लीगल हो जैसे रिश्वत, गवन, ठगी,
लूट, चोरी, डकेती, फिरोती आदि लेकिन समस्या केवल इतनी नहीं है कि इस धन को
कमाने वालो पर नकेल कसी जाय इस तरह कि कमाई पर रोक लगाई जाय इस तरह कि रोक से
हो सकता है कि आगे आने वाले भविष्य में काले धन कि कमाई कम हो जाय या पूर्णतः
बंद हो जाय लेकिन उसका क्या जो धन कमाया जा चुका है| इस तरह कि काली कमाई बहुत
बड़े पैमाने पे हो चुकी है  और इस तरह का धन बहुत बड़े पैमाने पर स्विस  बैंक
में जमा है यहाँ पर एक प्रश्न उठता है कि क्या स्विस बैंक से रुपया वापस लाकर
उसे राष्ट्र कि संपत्ति घोषित कर हम काले धन कि समस्या से मुक्त हो जायेंगे
लेकिन उस काले धन का क्या होगा जो हमारे ही देश में है जो किसी भी बैंक में जमा
नहीं है जो घरो कि तिजोरी में है यह रुपया भी स्विस बैंक में जमा रूपये से कम
नहीं है हो सकता है कि यह उस रूपये से ज्यादा हो या कई गुना हो *
*ये जो धन है या जिसने इसे कमाया है वह गैरकानूनी है और गैरकानूनी तरीके से
कमाया है पर मेरी चिंता का विषय यह धन कहाँ है या किसने इसे कमाया है नहीं है
मेरी चिंता इस बात पर ज्यादा है कि इस तरह के  रूपये का उपयोग नहीं किया जा रहा
है इस तरह का रुपया चलन से बहार हो जाता है यह rotation  में नहीं रहता है
जिस्से अर्थव्यवस्था पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है दरसल जो भी इस प्रकार के
काले धन को कमाता है उसके सामने सबसे बड़ी समस्या होती है उसे show करने कि उसे
प्रस्तुत करने कि उसे legal बनाने कि  और वो जब तक उसे legal नहीं कर पाता तब
तक उसे वह ऐसी जगह पर रखता है जहाँ वह रुपया अपनी cycling से अपने rotation से
बहार हो जाता है मेरा सीधा मतलब यह है कि ऐसे रूपये से वह न तो कुछ खरीदता है न
तो वह उसे बैंक में जमा करता है और न ही कहीं invest करता है वह इस प्रकार के
धन को एक शिथिल इस्थिति में ही रखा रहने देता है और ऐसा करने से वह रुपया अपने
rotation से बाहर हो जाता है और अर्थशास्त्र के नियम के अनुसार जब किसी धन का
rotation नहीं होता तो उसका अर्थव्यवस्था पे बहुत बुरा असर पड़ता है *
*एक उदाहरण से इसको समझा जा सकता है मानलो दस लोगो के बीच दस हज़ार रूपये का
व्यापार चल रहा है ये दस लोग कोई भी हो सकते है हम मान ले कि उन में से एक
किराने कि दुकान खोले है एक कपड़ा व्यापारी है एक किसान है एक मजदूर है एक
banker ( साहूकार ) है  आदि-आदि ऐंसे दस लोगो में दस हज़ार रुपये घूम रहें हैं
लेकिन इन दस लोगो में से कोई भी एक व्यक्ति १००० रु अपने पास रखले और उसका
उपयोग न करे तब-तब सिर्फ ९००० रु चलन में रहेंगे ऐसा करने से या होने से
अर्थव्यवस्था में १००० रु कम हो जायेंगे और अर्थव्यवस्था पर १००० रु का असर
पड़ेगा जिस्से सिर्फ और सिर्फ नुक्सान ही होगा *
* यंहा यह बात समझना जरूरी है कि स्विस बैंक से रु वापस लाना आसान नहीं है
क्योंकि उस देश के कानून व बैंक इस बात के लिये ही प्रख्यात है कि वंहा इस तरह
के धन को रखा जा सके और दूसरी बात नया कानून बना कर हम आगे आने वाले समय में इस
तरह के काले धन पर रोक लगा सकते है लेकिन जो काला धन तिजोरियो में भरा पड़ा है
उसको चलन में लाना मुश्किल है तब क्या किया जा सकता है
आगे में जो सुझाव देने जा रहा हूँ वह अभी तक मेरी व्यक्तिगत राय है में सिर्फ
इतना ही चाहता हूँ कि मेरे इस विचार या सुझाव को पहले अच्छी तरह से ठोका-पीटा
जाय और इस्के बाद भी अगर वह सही साबित होता है तो उस पे अमल किया जाय
मेरा मानना है कि इस समस्या का एक हल है नई मुद्द्रा (new currency) यहाँ पे ये
समझना  जरूरी है कि नई मुद्द्रा से मेरा मतलब  ये नहीं कि रु के बदले कोई और
मुद्द्रा चलन में लाई जाय में सिर्फ ये कहना चाह रहा हूँ कि रु को नए सिरे से
नए प्रिंट में छापा जाये यहाँ पर पहले हम एक बात और समझले कि रिज़र्व बैंक ने
अभी तक जितनी मुद्द्रा जारी कि है वह सारी कि सारी मुद्द्रा दोबारा छापी जाये
और इस मुद्द्रा को जो अभी चलन में है को निरस्त कर इस मुद्द्रा के बदले नई
मुद्द्रा दी जाये रिज़र्व बैंक अपने सेंटर से  बैंको के माध्यम से पुराणी
मुद्द्रा को बदल के नई मुद्द्रा दे दें अब हमें ये भी सोचना होगा किईसा करने से
क्या होगा दरसल रिज़र्व बैंक वही मुद्द्रा बदलेगा जिसके legal documents होंगे
यानि रिज़र्व बैंक सिर्फ white money ही बदलेगा हम अपने रु के सबूत लेके
जायेंगे कि ये रु हमारे पास कहाँ से आया और हमने इसे कैसे कमाया हम ये सबूत
देंगे और हमे पुराने रु के बदले नए रु मिल जायेंगे इस्से ये होगा कि भारत या
भारत से बाहर जितनी भी black
money है वह रिज़र्व बैंक के पास शेष रह जायेंगे क्योंकि उस रु के किसी के पास
सबूत नहीं होंगे तो वह उसे बदलने भी नहीं आयेगा इस तरह वह रु रिज़र्व बैंक के
पास शेष रह जायेंगे और इस शेष रु को सरकार development के काम पे खर्च कर सकती
है
ऐसा करने से हम काले धन को तो चलन में ला ही देंगे साथ ही साथ वह रु भी जी
उठेगा जो फाड़ दिया गया हो जला दिया गया हो ख़राब हो गया हो या वह धातु के
सिक्के जिसकी धातु उस पर अंकित मूल्य से भी ज्यादा होने के कारन गला दी गई हो
इस तरह का धन भी रिज़र्व बैंक के पास शेष रह जायेगा
मैं यहाँ दोबारा से ये कहना चाहता हूँ कि अभी तक ये मेरी व्यक्तिगत राय है में
अपने अभिव्यक्ति के अधिकार का उपयोग कर यह सुझाव सरकार को
bm-feedback@nic.in पर भेज रहा हूँ एक बात और यह केवल सुझाव है इस सुझाव
पर हर पहलु से विचार करना
होगा ऐसा करने से क्या फायदा है और क्या नुक्सान है क्या ऐसा करना संभव है
वगैरा वगैरा और यह सब विचार सरकार को करना है मेरा सिर्फ यह अनुरोध है कि इस पर
विचार जरूर किया जाय
                                             अभिव्यक्ति
                                             जन चेतना

up
1 user has voted.

0 Comments

Add new comment